Saturday, 9 August 2014

सुंदर वचन

नुष्य सिर्फ़ और सिर्फ़ एक ही बार उस रोज़ जन्म नहीं लेते जब उनकी माताएं उन्हें पैदा करती हैं ... जीवन बार बार उन पर अहसान करता है कि वे स्वयं को जन्म दें.
 गाब्रीएल गार्सीया मारकेज़


दुनिया में काम करने के लिए आदमी को अपने ही भीतर मरना पड़ता है. आदमी इस दुनिया में सिर्फ़ ख़ुश होने नहीं आया है. वह ऐसे ही ईमानदार बनने को भी नहीं आया है. वह पूरी मानवता के लिए महान चीज़ें बनाने के लिए आया है. वह उदारता प्राप्त करने को आया है. वह उस बेहूदगी को पार करने आया है जिस में ज़्यादातर लोगों का अस्तित्व घिसटता रहता है.

- (
विन्सेन्ट वान गॉग की जीवनी 'लस्ट फ़ॉर लाइफ़' से)





वह जन मारे नहीं मरेगा

जो जीवन की धूल चाट कर बड़ा हुआ है

तूफ़ानों से लड़ा और फिर खड़ा हुआ है 

जिसने सोने को खोदा लोहा मोड़ा है

जो रवि के रथ का घोड़ा है

वह जन मारे नहीं मरेगा
नहीं मरेगा
जो जीवन की आग जला कर आग बना है

फौलादी पंजे फैलाए नाग बना है

जिसने शोषण को तोड़ा शासन मोड़ा है

जो युग के रथ का घोड़ा है

वह जन मारे नहीं मरेगा
नहीं मरेगा

( केदारनाथ अग्रवाल)

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